Friday, October 9, 2026

NEET आंदोलन के बाद CJP में कलह! मनीष ब्रह्मभट्ट ने छोड़ी पार्टी, CJP-Democratic का ऐलान

NEET आंदोलन और जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद CJP में अंदरूनी विवाद सामने आया। मनीष ब्रह्मभट्ट ने पार्टी छोड़कर CJP-Democratic बनाने का ऐलान किया और लोकतंत्र की कमी के आरोप लगाए।

Must read

4 Sept 2026 | RBH NEWS | Gaurav
NEET आंदोलन के बाद CJP में अंदरूनी कलह! मनीष ब्रह्मभट्ट ने छोड़ी पार्टी, ‘CJP-Democratic’ के गठन का ऐलान

नई दिल्ली/गुजरात: देशभर में NEET पेपर लीक मामले को लेकर हुए आंदोलनों और दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शनों के बाद अब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) में कथित अंदरूनी मतभेद सामने आए हैं। गुजरात के राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता और मैनेजमेंट कंसल्टेंट मनीष ब्रह्मभट्ट ने मूल CJP से अलग होने का ऐलान करते हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक’ (CJP-Democratic) नाम से एक नए संगठन की घोषणा की है।

CJP में लोकतंत्र की कमी का लगाया आरोप

मनीष ब्रह्मभट्ट ने मूल CJP के कामकाज पर गंभीर सवाल उठाते हुए पार्टी में लोकतंत्र और पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया है। उन्होंने CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके और उनकी टीम पर निशाना साधते हुए दावा किया कि युवा एवं छात्र आंदोलन से जुड़े लोगों की भागीदारी के बजाय मनमाने तरीके से 12 सदस्यों की एक कमेटी गठित की गई।

ब्रह्मभट्ट का आरोप है कि जमीनी स्तर पर आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं को निर्णय प्रक्रिया में पर्याप्त स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने मूल CJP की कार्यशैली की तुलना आम आदमी पार्टी/‘टीम केजरीवाल’ मॉडल से करते हुए दावा किया कि पार्टी में वास्तविक जमीनी आंदोलनकारियों को दरकिनार किया जा रहा है।

हालांकि, इन आरोपों पर CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके या उनकी टीम की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के प्रकाशित होने तक उपलब्ध नहीं है। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

कौन हैं मनीष ब्रह्मभट्ट?

मनीष ब्रह्मभट्ट गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर तालुका के चंडीसर गांव (बारोटवास) से संबंधित हैं। वह राजनीतिक कार्यकर्ता, सोशल एक्टिविस्ट और मैनेजमेंट कंसल्टेंट के तौर पर सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी चुनाव लड़ा था।

निर्वाचन आयोग के समक्ष वर्ष 2022 में दाखिल चुनावी हलफनामे के अनुसार, ब्रह्मभट्ट ने वर्ष 2000 में विद्यामंदिर स्कूल, पालनपुर से SSC और वर्ष 2002 में HSC की परीक्षा उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने हेमचंद्राचार्य उत्तर गुजरात यूनिवर्सिटी से वर्ष 2005 में B.Com और वर्ष 2009 में LL.B की डिग्री हासिल की।

हलफनामे में संपत्ति और मामलों का विवरण

चुनावी हलफनामे के मुताबिक, मनीष ब्रह्मभट्ट के पास 3.35 करोड़ रुपये से अधिक की चल संपत्ति दर्ज है। हलफनामे में उनके खिलाफ साबरमती, वाडज, घाटलोडिया और पालनपुर तालुका पुलिस थानों से संबंधित कुल चार आपराधिक मामलों का भी उल्लेख है।

हालांकि, उनके चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन्हें इनमें से किसी भी मामले में अदालत द्वारा दोषी नहीं ठहराया गया है।

अब आगे क्या?

CJP से अलग होकर नए CJP-Democratic संगठन की घोषणा के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में यह देखना अहम होगा कि ब्रह्मभट्ट का नया संगठन NEET और छात्र आंदोलनों से जुड़े कार्यकर्ताओं को किस तरह अपने साथ जोड़ता है और मूल CJP के साथ यह राजनीतिक टकराव आगे किस दिशा में जाता है।

RBH News के लिए: यह रिपोर्ट उपलब्ध सार्वजनिक/चुनावी दस्तावेजों और संबंधित पक्ष के दावों पर आधारित है। किसी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ लगाए गए आरोपों को तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि संबंधित पक्ष के दावे के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

SourceRbh news
- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article