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युवा मामलों एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के युवा विभाग की पहल ‘माय भारत’ के सहयोग से भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) शिलांग में आयोजित एक दिवसीय ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ सम्मेलन में सूफी इस्लामिक बोर्ड के असम एवं मेघालय चैप्टर ने साझेदार आध्यात्मिक संगठन के रूप में भाग लिया।
सम्मेलन का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति विभिन्न हितधारकों को जागरूक करना, वैज्ञानिक एवं समुदाय आधारित सफल मॉडल प्रस्तुत करना, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय को मजबूत बनाना तथा युवाओं को नशा मुक्त भारत के दूत के रूप में तैयार करना था।

कार्यक्रम में माय भारत पोर्टल और ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत अभियान’ पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं। इसके साथ ही नशा रोकथाम एवं पुनर्वास मॉडल पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। सम्मेलन को केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे, युवा एवं खेल मंत्रालय की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल तथा माय भारत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला ने संबोधित किया।
पूर्वोत्तर भारत में नशामुक्ति एवं पुनर्वास के क्षेत्र में कार्यरत 24 आध्यात्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए नशा रोकथाम के सफल एवं अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किए।
सूफी इस्लामिक बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंसूर खान ने मेघालय सरकार के सामाजिक कल्याण विभाग के अंतर्गत संचालित ड्रग रिडक्शन, एलिमिनेशन एंड एक्शन मिशन (DREAMS) के मिशन निदेशक एफ. जी. खारशींग की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि वे इस मॉडल को पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी लागू करने की दिशा में कार्य करेंगे।
इस अवसर पर डॉ. सूफी राज जैन, संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष, सर्व धर्म ख्वाजा मंदिर, तथा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (उत्तर), सूफी इस्लामिक बोर्ड ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी प्रयासों से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसमें धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक संस्थाओं की समान भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
सम्मेलन का समापन सामूहिक नशा मुक्ति शपथ समारोह के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त और स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लिया।


