1 May 2026 | RBH | Gaurav | अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस 2026: डॉ. सूफी राज जैन का बड़ा संदेश—‘श्रमिकों का सम्मान ही राष्ट्र निर्माण की असली नींव’
1 मई को पूरे विश्व के साथ ‘अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस’ के गौरवमयी अवसर पर आध्यात्मिक गुरु Dr. Sufi Raj Jain ने समाज के हर उस हाथ को नमन किया, जो मेहनत से पसीना बहाकर आधुनिक भारत की संरचना कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज का दिन केवल एक अवकाश नहीं, बल्कि उस पसीने और समर्पण का सम्मान है जिसने सभ्यता के पहिये को गति दी है।
मजदूर: राष्ट्र के निर्माण की अदृश्य नींव
डॉ. जैन ने अपने संदेश में कहा कि किसी भी आलीशान इमारत की चमक हमें प्रभावित करती है, लेकिन उसकी नींव को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। “मजदूर वही नींव है, जो खुद जमीन में रहकर पूरे ढांचे का भार सहती है। कल-कारखानों से लेकर सड़कों और गगनचुंबी इमारतों तक, हर निर्माण उनके कठिन परिश्रम का परिणाम है,” उन्होंने कहा।
‘2 जून की रोटी’ और संघर्ष का सम्मान
उन्होंने कहा कि मजदूर दिवस पर हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि हर श्रमिक को ‘2 जून की रोटी’ के लिए संघर्ष न करना पड़े। “एक सभ्य समाज वही है जहाँ मेहनत करने वाले को उचित पारिश्रमिक, सामाजिक सुरक्षा और गरिमा मिलती है,” डॉ. जैन ने जोर देते हुए कहा।
गरिमा और स्वाभिमान का प्रतीक
डॉ. जैन ने कहा कि श्रम कभी छोटा नहीं होता और मजदूरी केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान और राष्ट्र सेवा का प्रतीक है। उन्होंने समाज से अपील की कि श्रमिकों के प्रति सहानुभूति के साथ-साथ उनके अधिकारों के प्रति सजगता भी जरूरी है।
“मजदूर वह कलाकार है जो अपने खून-पसीने से दुनिया के कैनवास पर विकास के रंग भरता है।”
इस अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर, Dr. Sufi Raj Jain ने सभी देशवासियों से आह्वान किया कि वे इन कर्मयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करें और उनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए संकल्प लें।
समस्त देशवासियों एवं श्रमिक भाइयों-बहनों को मजदूर दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!



