Friday, October 9, 2026

पंचतत्व शिव धाम के निर्माण कार्य का शुभारंभ, आध्यात्मिक साधना और आत्मिक शांति का अनूठा केंद्र बनाने की पहल : गुरु माँ दिव्य

पंचतत्व शिव धाम के निर्माण कार्य का हुआ शुभारंभ, शिव साधना, ध्यान और पंचतत्वों के माध्यम से आत्मिक शांति व सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराने की परिकल्पना

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13 sept | RBH NEWS | Gaurav |         पंचतत्व शिव धाम के निर्माण कार्य का शुभारंभ, आध्यात्मिक साधना और आत्मिक शांति का अनूठा केंद्र बनाने की पहल : गुरु माँ दिव्य

होशियारपुर। पंचतत्व शिव धाम के निर्माण कार्य का शुभारंभ आज विधिवत रूप से किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। पंचतत्व शिव धाम को एक ऐसे आध्यात्मिक एवं साधना केंद्र के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है, जहां श्रद्धालुओं को प्रकृति के पंचतत्वों, शिव साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा के माध्यम से आत्मिक शांति का अनुभव हो सके।

पंचतत्व शिव धाम की परिकल्पना का उद्देश्य केवल एक मंदिर का निर्माण करना नहीं, बल्कि ऐसा आध्यात्मिक स्थल तैयार करना है, जहां व्यक्ति अपने भीतर झांक सके और स्वयं से जुड़ने का अनुभव प्राप्त कर सके। आयोजकों के अनुसार, यह धाम श्रद्धालुओं को भौतिक जीवन की भागदौड़ से कुछ समय दूर होकर आत्मिक संतुष्टि और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ने का अवसर प्रदान करेगा।

पंचतत्व शिव धाम की फाउंडर एवं प्रेसिडेंट गुरु मां दिव्या तथा वाइस प्रेसिडेंट गुरु जी डॉ. सूफी राज जैन के मार्गदर्शन में इस परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। धाम में भगवान शिव की आराधना के साथ पंचतत्वों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—की आध्यात्मिक अवधारणा को विशेष रूप से केंद्र में रखने की योजना है।

गुरु मां दिव्या और डॉ. सूफी राज जैन ने कहा कि पंचतत्व शिव धाम का उद्देश्य मानव को अपनी आत्मिक शक्ति और प्रकृति से जोड़ना है। उनका कहना है कि आज के तनावपूर्ण जीवन में व्यक्ति को केवल बाहरी सुख नहीं, बल्कि भीतर से संतुष्टि और शांति की भी आवश्यकता है। इसी विचार को केंद्र में रखकर पंचतत्व शिव धाम की स्थापना की जा रही है।

आयोजकों के अनुसार, पंचतत्व शिव धाम को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है, जहां शिव भक्ति, ध्यान, प्रकृति और मानवता के संदेश को एक साथ आगे बढ़ाया जाएगा। निर्माण कार्य शुरू होने के साथ ही श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखने को मिला।

पंचतत्व शिव धाम का संदेश है—प्रकृति से जुड़ें, शिव से जुड़ें और अपनी आत्मा से जुड़कर जीवन में शांति एवं संतुष्टि का अनुभव करें।

SourceRbh news
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