Sunday, May 24, 2026

NCRB रिपोर्ट ने खोली महिलाओं की सुरक्षा की हकीकत: घर से सड़क तक बढ़ा खतरा, हजारों केस अब भी अदालतों में अटके

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RBH NEWS। GAURAV

देश में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की नई रिपोर्ट ने गंभीर तस्वीर सामने रखी है। आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में महिलाओं से जुड़े अपराधों के मामलों में हल्की गिरावट जरूर दर्ज हुई, लेकिन जमीनी हालात अब भी चिंता पैदा कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आंकड़ों में कमी का मतलब यह नहीं कि महिलाओं की सुरक्षा बेहतर हुई है, बल्कि कई मामलों में शिकायत दर्ज न होने की समस्या भी बड़ी वजह हो सकती है।

15 हजार से ज्यादा रेप केस, हजारों महिलाओं का अपहरण

NCRB के अनुसार, 2024 में देशभर में रेप के 15,609 मामले दर्ज किए गए। वहीं महिलाओं के अपहरण और किडनैपिंग के 9,865 केस सामने आए। अपराध दर प्रति लाख आबादी के हिसाब से 66.2 से घटकर 64.6 जरूर हुई, लेकिन महिलाओं के खिलाफ हिंसा अब भी बड़ी सामाजिक चुनौती बनी हुई है।

घरेलू हिंसा सबसे बड़ा खतरा

रिपोर्ट में सबसे ज्यादा मामले पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता के दर्ज हुए। ऐसे कुल 2,59,054 केस सामने आए, जो महिलाओं के खिलाफ अपराधों में सबसे बड़ा हिस्सा हैं। इससे साफ है कि महिलाओं के लिए खतरा सिर्फ बाहर नहीं, बल्कि घर के भीतर भी मौजूद है।

रेप के बाद हत्या के 422 मामले

महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कई मामले बेहद भयावह भी रहे। 2024 में “रेप या गैंगरेप के बाद हत्या” के 422 केस दर्ज किए गए। वहीं दहेज हत्या के 12,344 मामले सामने आए, जो समाज में अब भी जारी हिंसक मानसिकता को दिखाते हैं।

हत्या के मामलों में यूपी और बिहार आगे

महिलाओं की हत्या के मामलों में उत्तर प्रदेश और बिहार सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य रहे।

उत्तर प्रदेश – 1,744

बिहार – 1,418

महाराष्ट्र – 1,150

मध्य प्रदेश – 964

राजस्थान – 912

दोनों राज्यों में मिलाकर 3 हजार से ज्यादा केस दर्ज हुए। रिपोर्ट में इसे सामाजिक हिंसा और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था से जोड़कर देखा गया है।

 

बिहार में तेजी से बढ़े अपराध

बिहार में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में बड़ा उछाल देखने को मिला। 2023 में जहां 22,952 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में यह आंकड़ा बढ़कर 27,359 तक पहुंच गया। पटना में अपहरण और किडनैपिंग के मामलों में भी तेज बढ़ोतरी दर्ज हुई।

दिल्ली बनी सबसे संवेदनशील महानगर

महानगरों में महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में दिल्ली सबसे ऊपर रही।

दिल्ली – 1,058

जयपुर – 497

मुंबई – 411

हैदराबाद – 358

राजधानी में लगातार बढ़ते मामलों ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

जबरन शादी के लिए बढ़ रहे अपहरण

देशभर में जबरन शादी के मकसद से महिलाओं के अपहरण के 18,520 मामले दर्ज किए गए। महानगरों में ऐसे 757 केस सामने आए, जिनमें पटना सबसे ऊपर रहा। अकेले पटना में 439 मामले दर्ज हुए।

जांच तेज, लेकिन अदालतों में इंसाफ धीमा

पुलिस की जांच और चार्जशीट दाखिल करने की रफ्तार में सुधार देखने को मिला है। देशभर में चार्जशीटिंग रेट 77.2% तक पहुंच गया। इसके बावजूद अदालतों में लंबित मामलों का बोझ बेहद भारी बना हुआ है।

अपहरण के 98.2% मामले लंबित

रेप के 97.6% मामले लंबित

3.23 लाख से ज्यादा केस ट्रायल का इंतजार कर रहे हैं

इससे साफ है कि पीड़ितों को न्याय पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

ज्यादातर मामलों में आरोपी परिचित निकले

NCRB के आंकड़ों के मुताबिक, करीब 96% रेप मामलों में आरोपी कोई परिचित व्यक्ति था। इनमें परिवार के सदस्य, दोस्त, पड़ोसी, पार्टनर या जान-पहचान वाले शामिल रहे। शादी का झांसा देने वाले दोस्त और लिव-इन पार्टनर भी बड़ी संख्या में आरोपी पाए गए।

निजी विवाद बने हत्या की बड़ी वजह

हत्या के 9,607 मामलों के पीछे निजी विवाद मुख्य कारण रहे। वहीं कई अपहरण मामलों में बदला, जबरन शादी और फिरौती जैसी वजहें सामने आईं। रिपोर्ट बताती है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध सिर्फ कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि सामाजिक सोच और मानसिकता से जुड़ा बड़ा संकट बन चुके हैं।

SourceRBH NEWS
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