
1 April 2026 :(Gaurav jaswal) अंतरराष्ट्रीय संकट का असर श्री दरबार साहिब तक, सिरोपा परंपरा प्रभावित—कपड़े की कमी से प्रबंधन के सामने चुनौती
Middle East में जारी अंतरराष्ट्रीय संघर्ष का असर अब धार्मिक व्यवस्थाओं पर भी दिखाई देने लगा है। अमृतसर स्थित श्री दरबार साहिब में संगत को भेंट किए जाने वाले सिरोपा की तैयारी प्रभावित हुई है, जिससे प्रबंधन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है।
दरबार साहिब में प्रतिदिन बड़ी संख्या में अखंड पाठ के भोग डाले जाते हैं, जिसके उपरांत श्रद्धालुओं को सिरोपा भेंट करने की परंपरा निभाई जाती है। यह परंपरा सिख आस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन इस बार सिरोपा तैयार करने के लिए आवश्यक कपड़े की सप्लाई पूरी नहीं हो पा रही है, जिससे व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ गया है।
सूत्रों के अनुसार, साल के अंत की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक निजी फर्म को बड़े पैमाने पर कपड़े का ऑर्डर दिया गया था, लेकिन अब तक तय मात्रा का केवल एक छोटा हिस्सा ही प्राप्त हो सका है। सप्लायर ने स्पष्ट किया है कि उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली विशेष सामग्री की कमी के कारण वे समय पर पूरा ऑर्डर देने में असमर्थ हैं।
जानकारी के मुताबिक, सिरोपा निर्माण में उपयोग होने वाले विशेष रसायन की आपूर्ति विदेशों से होती है, जो वर्तमान वैश्विक हालात के चलते बाधित हो गई है। इससे पूरी सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और उत्पादन प्रक्रिया में रुकावट आई है।
हालांकि, इस स्थिति का असर लंगर सेवा या श्रद्धालुओं की आमद पर नहीं पड़ा है। गुरु घर की परंपराओं को बनाए रखने के लिए प्रबंधन उपलब्ध स्टॉक से ही सिरोपा वितरण जारी रखने की कोशिश कर रहा है, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था बनी रहे।
मौजूदा हालात को देखते हुए प्रबंधन वैकल्पिक उपायों पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से किया जा सके। श्रद्धालुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं कि धार्मिक परंपराएं बिना किसी बाधा के जारी रहें।


