Sunday, April 5, 2026

USCIRF 2026 रिपोर्ट पर Sufi Islamic Board का बड़ा बयान: भारत की संप्रभुता में दखल बर्दाश्त नहीं

USCIRF रिपोर्ट को Sufi Islamic Board ने बताया पक्षपातपूर्ण, कहा– भारत को ‘Country of Particular Concern’ बताना गलत

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17 March 2026(Gaurav Jaswal):USCIRF रिपोर्ट पर विवाद तेज, सूफी इस्लामिक बोर्ड बोला– भारत की संप्रभुता में दखल बर्दाश्त नहीं

Sufi Islamic Board (SIB) ने United States Commission on International Religious Freedom (USCIRF) की वर्ष 2026 की वार्षिक रिपोर्ट की कड़ी आलोचना करते हुए भारत की संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश को पूरी तरह खारिज कर दिया है। बोर्ड ने इस सिफारिश को “भारत की संप्रभुता में हस्तक्षेप” बताते हुए कहा कि वह इस रिपोर्ट को United Nations में चुनौती देगा।
इस संगठन ने 15 मार्च को जारी प्रेस बयान में कहा कि रिपोर्ट में भारत की संस्थाओं जैसे Rashtriya Swayamsevak Sangh (RSS) और Research and Analysis Wing (RAW) पर आर्थिक और कूटनीतिक प्रतिबंध लगाने की सिफारिश “अभूतपूर्व और बेहद खतरनाक” है। बोर्ड के अनुसार यह सिफारिश “उत्तर अमेरिका के कुछ पक्षपातपूर्ण प्रवासी संगठनों” के प्रभाव में की गई है, जिनमें Hindus for Human Rights का नाम भी शामिल है।
SIB ने आरोप लगाया कि USCIRF लंबे समय से भारत के संबंध में पक्षपातपूर्ण आकलन करता रहा है। बोर्ड ने याद दिलाया कि जुलाई 2024 में उसने एक याचिका दायर कर आयोग की उन व्याख्याओं का विरोध किया था, जिनमें Unlawful Activities (Prevention) Act, Foreign Contribution Regulation Act, Citizenship Amendment Act और धर्मांतरण विरोधी कानूनों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया था। SIB का कहना है कि 2026 की रिपोर्ट भी “विचारधारात्मक डेटा” पर आधारित है और दक्षिण एशिया में धार्मिक तनाव की जटिल वास्तविकताओं को नजरअंदाज करती है।
सूफी परंपरा का पालन करने वाले मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करने वाला SIB का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य अंतरधार्मिक सौहार्द को बढ़ावा देना और कट्टरपंथ का मुकाबला करना है। बोर्ड ने चेतावनी दी कि भारतीय राज्य को अल्पसंख्यकों के प्रति स्वाभाविक रूप से शत्रुतापूर्ण दिखाने से प्रतिबंधित संगठनों जैसे Popular Front of India को अप्रत्यक्ष रूप से बल मिल सकता है और वे इसे भारत-विरोधी प्रचार के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।
संगठन ने इस बात पर भी चिंता जताई कि रिपोर्ट में अमेरिका से भारत को “कंट्री ऑफ पार्टिकुलर कंसर्न” घोषित करने और RAW पर प्रतिबंध लगाने पर विचार करने की सिफारिश की गई है। SIB का कहना है कि ऐसा कदम अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद विरोधी सहयोग को कमजोर कर सकता है, खासकर उन नेटवर्क के खिलाफ लड़ाई में जो Islamic State Khorasan Province और Al-Qaeda जैसे संगठनों से जुड़े हैं।
SIB ने कहा कि वह इस रिपोर्ट के निष्कर्षों को औपचारिक रूप से United Nations में चुनौती देगा, जैसा कि उसने 2024 में भी किया था। बोर्ड ने अमेरिका सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे इस रिपोर्ट की सिफारिशों को खारिज करें, भारत की संप्रभुता का सम्मान करें और देश में साम्प्रदायिक सौहार्द तथा उग्रवाद के खिलाफ प्रयासों का समर्थन करें।

SourceRBHNEWS
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