
RBH NEWS 22 February 2026 : Gaurav Jaswal
कमेटी ऑन मौलाइयत के गठन की आधिकारिक घोषणा. सूफी इस्लामिक बोर्ड और सर्व धर्म ख्वाजा मंदिर ने संयुक्त रूप से “कमेटी ऑन मौलाइयत” (Committee on Maulaiyat) के गठन की आधिकारिक घोषणा की है। यह विशेष समिति मौलाइयत—सूफी परंपरा की उस मूल आध्यात्मिक विचारधारा—के संरक्षण, अध्ययन और प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित होगी, जो मौला के प्रति अटूट प्रेम, समर्पण और इंसानियत की राह पर चलने का संदेश देती है।
कमेटी ऑन मौलाइयत का उद्देश्य युवाओं और आम समाज में मौलाइयत की गहरी समझ विकसित करना है, ताकि दक्षिण एशियाई सूफी विरासत की समावेशी और मानवीय परंपरा आधुनिक दौर में भी मजबूती से आगे बढ़े। पारंपरिक सूफी सिलसिलों की शिक्षाओं के आधार पर यह पहल करुणा, एकता और सहिष्णुता की भावना को सशक्त करेगी।
कमेटी ऑन मौलाइयत के प्रमुख उद्देश्य:
1. शैक्षणिक एवं आध्यात्मिक जागरूकता:
मौलाइयत के इतिहास, दर्शन और व्यवहारिक जीवन में उसके महत्व पर सेमिनार, कार्यशालाएं और आध्यात्मिक सभाओं का आयोजन।
2. कट्टरवाद का प्रतिकार:
मौलाइयत की शांतिपूर्ण और एकजुट करने वाली शिक्षाओं के माध्यम से उग्र विचारधाराओं और विभाजनकारी प्रवृत्तियों का प्रभावी जवाब।
3. युवा सशक्तिकरण:
युवाओं को सकारात्मक सामाजिक भागीदारी, नैतिक जीवन और आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करना।
4. विरासत संरक्षण:
सूफी साहित्य, प्रवचनों और परंपराओं का दस्तावेजीकरण एवं प्रसार, जो साधक और गुरु (मौला) के पवित्र संबंध को दर्शाते हैं।
कमेटी ऑन मौलाइयत – पदाधिकारी
1. अध्यक्ष: सैयद गफ्फार हुसैन फ़र्रिदी (अजमेर, राजस्थान)
2. उपाध्यक्ष: मंसूर खान (महाराष्ट्र)
3. उपाध्यक्ष: डॉ. सूफी राज जैन (पंजाब)
4. महासचिव: दौलत खान (कर्नाटक)
5. सचिव: सैयद सरवत संजरी (अजमेर, राजस्थान)
6. सचिव: दर्शन आहिर (महाराष्ट्र)
7. सचिव: एडवोकेट सूफी अनवर शेख (गुजरात)
8. सचिव: सैयद अब्दुल्ला कोया जिगरी तंगल (केरल)
9. सचिव: एहतेशाम सिद्दीकी (मध्य प्रदेश)
10. सचिव: पी. एम. अब्दुल सलाम (केरल)
11. सचिव: सैयद तौसीफ मदारी (महाराष्ट्र)
समिति के गठन पर सूफी इस्लामिक बोर्ड के राष्ट्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि “कमेटी ऑन मौलाइयत” अब एक नियमित मिशन के रूप में कार्य करेगी। यह वास्तव में इंसानियत का धर्म है, सच्चा दीन है, सच्चा इस्लाम है—जो मानवता, प्रेम और भाईचारे की पैरवी करता है। हम सभी मिलकर इस संदेश को देशभर में मजबूत करेंगे।
कमेटी ऑन मौलाइयत शीघ्र ही देशव्यापी कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों का कैलेंडर जारी करेगी, जिसके माध्यम से आध्यात्मिक साधकों और समाज के हर वर्ग तक मौलाइयत का संदेश पहुँचाया जाएगा।


