08 March 2026(Gaurav Jaswal):अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि हम ऐसा समाज बनाएं जहाँ हर महिला सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त हो। — डॉ. सूफी राज जैन

International Women’s Day 2026: माता गुजरी की शहादत से दुर्गा की शक्ति तक — नारीत्व की चार महान मिसालों को सलाम.
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आज दुनिया भर में नारी शक्ति, त्याग, करुणा और साहस को नमन किया जा रहा है। यह दिन केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उन महान महिलाओं की विरासत को याद करने का अवसर है जिन्होंने अपने साहस, विश्वास और त्याग से इतिहास की दिशा बदल दी।
नारी केवल कोमलता का प्रतीक नहीं है, बल्कि वह उस चट्टान की तरह है जिसने हर दौर में अन्याय, अत्याचार और अधर्म के तूफानों का सामना किया है। इतिहास में कई ऐसी महान महिलाएं हुई हैं जिन्होंने अपने जीवन से समाज को नई राह दिखाई।
नारी शक्ति की चार महान मिसालें:
. Mata Gujri की अटूट आस्था और शहादत
दशमेश पिता Guru Gobind Singh जी की पूजनीय माता माता गुजरी जी का जीवन साहस और विश्वास की मिसाल है। उन्होंने ठंडे बुर्ज की कठिन परिस्थितियों में भी अपने नन्हे पोतों को धर्म पर अडिग रहने की प्रेरणा दी। अत्याचार के सामने झुकने के बजाय उन्होंने शहादत को स्वीकार किया। उनका जीवन सिखाता है कि एक माँ और दादी पूरे समाज और कौम की तकदीर बदल सकती है।
. Durga की शक्ति और अन्याय के खिलाफ ललकार
माँ दुर्गा शक्ति और साहस का प्रतीक हैं। उनका स्वरूप हमें यह सिखाता है कि बुराई के सामने झुकना नहीं, बल्कि उसका डटकर सामना करना ही सच्ची शक्ति है। आज की हर महिला में वही दुर्गा है जो अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठाने की ताकत रखती है।
. Fatima bint Muhammad का सब्र और पाक किरदार
इस्लामी इतिहास में बीबी फातिमा का जीवन सब्र, सादगी और सच्चाई की मिसाल है। उनका व्यक्तित्व यह सिखाता है कि हक की आवाज़ उठाने के लिए केवल शक्ति नहीं, बल्कि मजबूत चरित्र और नैतिकता की आवश्यकता होती है।
. Mary की पवित्रता और करुणा
बीबी मरियम, जिन्हें ईसाई परंपरा में मदर मैरी के नाम से जाना जाता है, करुणा, पवित्रता और ईश्वरीय विश्वास की प्रतीक हैं। उनका जीवन हर महिला को यह प्रेरणा देता है कि कठिन परिस्थितियों में भी गरिमा और विश्वास को बनाए रखना ही सच्ची शक्ति है।
समाज और युवाओं के लिए संदेश:यह अवसर किसी एक धर्म या परंपरा की महिमा का नहीं, बल्कि उस सार्वभौमिक नारी शक्ति का सम्मान करने का है जिसने हर सभ्यता और समाज को मजबूती दी है। पंजाब की पवित्र धरती से लेकर कर्बला की तपती रेत और मरियम की पवित्र विरासत तक—हर जगह नारी ने मानवता को टूटने से बचाया है।
आज के युवा और समाज के जिम्मेदार लोग तभी महिला दिवस को सार्थक बना सकते हैं जब वे हर महिला में माता गुजरी की वीरता, दुर्गा की शक्ति, फातिमा का त्याग और मरियम की करुणा को पहचानें।
संकल्प का दिन :अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि हम ऐसा समाज बनाएँ जहाँ हर महिला सुरक्षित, सम्मानित और सशक्त हो।
जहाँ हर दुर्गा को सुरक्षा मिले,हर फातिमा का अधिकार सुरक्षित हो,और हर मरियम को वह सम्मान मिले जिसकी वह हकदार है।


