Sunday, April 5, 2026

रसोई का बजट बिगड़ा: मसूर, मूंग, उड़द समेत सभी दालों में तेज़ी, निर्यात और डॉलर के असर से बढ़ी महंगाई

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28 March 2026:(Gaurav Jaswal) दालों की बढ़ती कीमतों पर चिंता, सरकार से हस्तक्षेप की मांग.

देशभर में दालों की लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर आम जनता में चिंता का माहौल है। हालिया बाजार स्थिति के अनुसार, किसी भी प्रकार की दाल के दामों में “मंदा” नहीं है, बल्कि हर दाल की कीमत में ₹200 से ₹400 तक की तेज़ी दर्ज की जा रही है, जिससे रसोई का बजट प्रभावित हो रहा है।

दालों के बढ़े हुए दाम (अनुमानित):

  • मसूर दाल: लगभग ₹1000 से ₹1500 प्रति क्विंटल (करीब ₹15 प्रति किलो) की बढ़ोतरी
  • उड़द (मां): करीब ₹1500 तक का उछाल
  • मूंग दाल: ₹500 से ₹600 तक की बढ़ोतरी
  • इसके अलावा राजमा (चित्रा), अरहर और सफेद मटर के दामों में भी भारी तेजी देखी गई है।

महंगाई के मुख्य कारण:

  1. निर्यात (Export): मूंग दाल का चीन को बड़े स्तर पर निर्यात हो रहा है, जिससे घरेलू बाजार में इसकी उपलब्धता कम हो रही है और कीमतें बढ़ रही हैं।
  2. आयात (Import) पर निर्भरता: अरहर, मसूर और मटर जैसी दालों के लिए भारत को विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता है। वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती के कारण आयात महंगा हो गया है, जिसका सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ रहा है।

जनता की चिंता और सरकार से अपील:

दालें भारतीय भोजन का अहम हिस्सा हैं, विशेष रूप से गरीब और मध्यम वर्ग के लिए यह प्रोटीन का मुख्य स्रोत हैं। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

सरकार से अपील की जाती है कि दालों की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो।

 

 

 

 

 

SourceRbh news
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